New Step by Step Map For Isliye mantra yahan sirf reference ke liye diya gaya hai.

नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।

फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।

पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। 

यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।

अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।

गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना और पूजन विधि

डॉ. कुणाल कुमार झा ने बताया कि इस नवरात्रि में साधक लोग पूरे विश्व के भले के लिए साधना करेंगे, जिससे अच्छा फल मिले. यह नवरात्रि तंत्र साधकों के लिए खास मानी जाती है, जो अपनी तंत्र साधना को दूसरों से छिपाकर करते click here हैं.

* काली के पूजक पर काले जादू, टोने-टोटकों का प्रभाव नहीं पड़ता।

दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा

गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।

देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।

कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।

कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, और दूर्वा डालें।

छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।

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